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न्यू जर्सी में गुजराती पर‍िवारों से म‍िले सीएम पटेल, 'वाईब्रेंट गुजरात' का प्रमोशन

पटेल ने कहा कि जब 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की गई थी, तब बहुत कम लोग सोच सकते थे कि यह एक वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन का रूप ले लेगा। लेकिन गुजरात ने उस समय दूरदृष्टि दिखाते हुए कदम उठाया और आज उसका लाभ मिल रहा है।

 गुजराती समुदाय के साथ सीएम पटेल... गुजराती समुदाय के साथ सीएम पटेल... / IANS

व‍िदेश यात्रा के दौरान न्यू जर्सी पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक कार्यक्रम में बड़ी संख्‍या में मौजूद गुजराती लोगों को संबोध‍ित क‍िया। इस दौरान उन्‍होंने 20 साल से भी पुराने समय को याद करते हुए बताया कि उनका राज्य भविष्य के आर्थिक अवसरों को पहले से पहचानने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही सीएम ने 'वाईब्रेंट गुजरात' मुहिम को प्रमोट किया। 

पटेल ने कहा कि जब 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की गई थी, तब बहुत कम लोग सोच सकते थे कि यह एक वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन का रूप ले लेगा। लेकिन गुजरात ने उस समय दूरदृष्टि दिखाते हुए कदम उठाया और आज उसका लाभ मिल रहा है।

उन्होंने गुजराती में कहा कि उस समय किसी ने नहीं सोचा होगा कि वाइब्रेंट गुजरात निवेश के लिए इतना बड़ा मंच बन जाएगा। गुजरात ने तब इसके बारे में सोचा था और आज हम उसके फायदे पा रहे हैं।

कुछ घंटों बाद, रॉबिन्सविले स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम के शांत और भव्य परिसर में पटेल ने गुजरात की महत्वाकांक्षाओं का एक अलग रूप देखा। यह कहानी फैक्ट्रियों, वित्तीय केंद्रों या टेक्नोलॉजी पार्कों की नहीं थी, बल्कि भारतीय संस्कृति को समर्पित एक ऐसे स्मारक की थी, जिसे काफी हद तक स्वयंसेवकों के सहयोग से बनाया गया है।

न्यू जर्सी की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के दो कार्यक्रम

पहला कार्यक्रम कार्टरेट परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड इवेंट्स सेंटर में हुआ, जहां पटेल ने भारतीय-अमेरिकी गुजराती समुदाय को संबोधित किया। दूसरा कार्यक्रम उन्हें उत्तर अमेरिका के सबसे प्रमुख हिंदू सांस्कृतिक परिसरों में से एक अक्षरधाम और वहां बन रहे संग्रहालय तक लेकर गया।

स्वामीनारायण मंदिर में सीएम / Lenin Joshi / BAPS

कार्टरेट में पटेल ने गुजरात के विकास की लंबी यात्रा पर बात की। उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी भी ऐसा ही एक विचार था, जिसे उस समय आगे बढ़ाया गया जब बहुत से लोग उसकी पूरी क्षमता को नहीं समझते थे। उन्होंने कहा कि इसी तरह गुजरात ने गिफ्ट सिटी को एक वैश्विक वित्तीय और तकनीकी शहर के रूप में देखने की सोच विकसित की।

पटेल ने बताया कि गुजरात ने 2047 तक के विकास का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत राज्य को छह क्षेत्रों में बांटा गया है, प्रत्येक क्षेत्र के लिए प्राथमिक सेक्टर तय किए गए हैं और उनके भविष्य के योगदान के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियां, पारदर्शिता और मजबूत बुनियादी ढांचा ही गुजरात को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर विकास करना है तो बुनियादी ढांचे का मजबूत होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात के विकास की मजबूत नींव रखने का श्रेय भी दिया।

मुख्यमंत्री ने अमेरिका में बसे गुजराती समुदाय की जिम्मेदारियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वहां रहने वाले गुजराती जिस देश में रहते हैं, उसके विकास में भी पूरी भागीदारी करें और साथ ही भारत से अपना जुड़ाव बनाए रखें। उन्होंने कहा कि हम जहां भी रहें, उस देश के लिए मजबूत योगदान देना चाहिए।

अक्षरधाम पहुंचने पर उन्‍होंने संस्कृति, आध्यात्मिकता और सेवा पर बात की। बीएपीएस के वरिष्ठ नेता ब्रह्मविहारी स्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री मंदिर के विशाल स्वरूप, उसकी बारीक नक्काशी और आसपास के शांत वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि वह इस शांत और आध्यात्मिक माहौल से बहुत भावुक और प्रभावित हुए थे।

ब्रह्मविहारी स्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री का मानना था कि दुनिया के किसी भी कोने से आने वाला व्यक्ति यहां शांति महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन 1 लाख वर्ग फुट के स्वामीनारायण अक्षरधाम संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस संग्रहालय में 85 आकर्षक डायोरामा, 40 मल्टीमीडिया प्रस्तुतियां और 200 जीवंत दिखने वाली मूर्तियां होंगी। यहां हिंदू सभ्यता, आध्यात्मिकता, विज्ञान, वास्तुकला और जीवन मूल्यों से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई जाएंगी।

संग्रहालय में धौलावीरा, रानी की वाव, एक पारंपरिक गुजराती हवेली और कोणार्क चक्र जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रदर्शन भी शामिल होंगे।

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