शिखर और क्रिस्टिन सक्सेना हेल्थ सेंटर की एक कलाकार द्वारा बनाई गई तस्वीर। / University of Nebraska Medical Centre
नेब्रास्का मेडिसिन की आने वाली $99.3 मिलियन की अत्याधुनिक हेल्थकेयर सुविधा का नाम 'शिखर और क्रिस्टिन सक्सेना हेल्थ सेंटर' रखा गया है। यह नाम भारतीय मूल के डॉक्टर दंपती डॉ. शिखर सक्सेना और डॉ. क्रिस्टिन सक्सेना द्वारा दिए गए बड़े दान के सम्मान में रखा गया है।
42वीं और फार्नम सड़कों के दक्षिण-पूर्वी कोने पर बनने वाली यह चार मंजिला इमारत 2027 की गर्मियों में बनकर तैयार हो जाएगी और 2027 की शरद ऋतु में मरीजों के लिए खुल जाएगी। यह नेब्रास्का मेडिसिन के डर्मेटोलॉजी प्रोग्राम के लिए एक नए मुख्य केंद्र के तौर पर काम करेगी। इससे पूरे क्षेत्र में आउटपेशेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, जनरल इंटरनल मेडिसिन और व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता भी काफी बढ़ जाएगी।
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नाम की घोषणा नेब्रास्का मेडिसिन और यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। इस कार्यक्रम में 17 अगस्त को समुदाय के सदस्य और नेता इमारत की आखिरी बीम पर हस्ताक्षर करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर ने एक बयान में कहा कि इस हेल्थ सेंटर का नाम ओमाहा के डॉ. शिखर सक्सेना और डॉ. क्रिस्टिन सक्सेना के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का फाउंडेशन के जरिए एक बड़ा दान दिया है।
इस इमारत के लिए कुछ फ़ंडिंग दान करने वाले समुदाय से मिली है। नेब्रास्का मेडिसिन के CEO, डॉ. माइकल ऐश ने कहा कि शिखर और क्रिस्टिन सक्सेना समझते हैं कि किसी समुदाय के स्वास्थ्य में निवेश करने का क्या मतलब है।
ऐश ने कहा कि उनकी उदारता हमें जरूरी सेवाओं को एक ही आसानी से पहुंचने योग्य जगह पर लाने और मरीजों को उनके घर और काम की जगह के पास जरूरी देखभाल पाने के और मौके बनाने में मदद करेगी। यह दान ओमाहा के भविष्य और उन लोगों के लिए एक सार्थक निवेश है जो बेहतरीन देखभाल के लिए नेब्रास्का मेडिसिन पर निर्भर हैं।
UNMC के चांसलर डॉ. एच. डेले डेविस ने इस प्रोजेक्ट के पीछे की मिल-जुलकर काम करने की भावना पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप साझा सोच को समुदाय के लिए ठोस फ़ायदों में बदलती है।
सक्सेना दंपती UNMC कॉलेज ऑफ मेडिसिन से 2007 में ग्रेजुएट हुए और उन्होंने 'शिखर और क्रिस्टिन सक्सेना फैमिली फाउंडेशन' की स्थापना की। डॉ. शिखर सक्सेना ने नेब्रास्का मेडिसिन में कार्डियोलॉजिस्ट के तौर पर प्रैक्टिस की और वे 'मिलान लेजर' के को-फाउंडर और बोर्ड चेयरमैन हैं। डॉ. क्रिस्टिन सक्सेना ने 'मिलान लेजर' की चीफ मेडिकल ऑफिसर बनने से पहले 'बॉयज टाउन पीडियाट्रिक्स' में पीडियाट्रिशियन के तौर पर प्रैक्टिस की। उन्होंने 2020 में उस पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे सक्सेना फैमिली फाउंडेशन को बढ़ाने और दूसरे परोपकारी कामों पर ध्यान दे सकें।
सक्सेना दंपती के लिए, यह दान उस मेडिकल इकोसिस्टम के प्रति उनकी गहरी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसने उनके करियर को आकार दिया। दंपती ने कहा कि सक्सेना फिमिली फाउंडेशन के जरिए, हमारा लक्ष्य ओमाहा में भलाई के लिए काम करना है। हमें इस नए हेल्थ सेंटर को सपोर्ट करने में खुशी है क्योंकि हम जानते हैं कि नेब्रास्का मेडिसिन की भूमिका इलाज तक पहुंच बढ़ाने और हमारे समुदाय व उसके बच्चों की सेहत को बेहतर बनाने में कितनी अहम है।
डॉ. शिखर सक्सेना ने संस्थान के दूरगामी प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि यह संस्थान लोगों की जान बचाता है। यह संस्थान डॉक्टरों की अगली पीढ़ी तैयार करता है जो आगे भी लोगों की जान बचाते रहेंगे। यह संस्थान ऐसे इनोवेशन करता है जिनकी वजह से हम ओमाहा और नेब्रास्का में एक प्रमुख संस्थान बने हुए हैं।
केयर प्रोवाइडर और मरीज, दोनों ही नजरियों से बात करते हुए डॉ. क्रिस्टिन सक्सेना ने कहा कि जब किसी को मेडिकल केयर की जरूरत होती है, तो असल में इमारत मायने नहीं रखती। मायने रखता है वह डॉक्टर जो बात सुनता है, वह नर्स जो ध्यान देती है कि कुछ ठीक नहीं है, वह व्यक्ति जो फ्रंट डेस्क पर स्वागत का एहसास कराता है... यही बातें आज के दिन को हमारे लिए इतना खास बनाती हैं।
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