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पन्नू केस में US मीडिया रिपोर्ट पर अमेरिका ने कहा-जांच चल रही है, भारत ने किया खारिज

जीन-पियरे ने रिपोर्ट के दावों की पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन उन्होंने ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा कि जांच चल रही है। भारत ने इस रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह रिपोर्ट एक गंभीर मामले पर अनुचित और निराधार आरोप लगाती है।

 अमेरिका का कहना है कि पन्नू मामले में भारत आरोपों को गंभीरता से ले रहा है। अमेरिका का कहना है कि पन्नू मामले में भारत आरोपों को गंभीरता से ले रहा है। / @rene

अमेरिका में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने सोमवार को कहा कि अमेरिका खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी धरती पर हत्या के प्रयासों के आरोपों की जांच में भारत से अपनी चिंताओं को उठाना और जवाबदेही की उम्मीद करता रहेगा। पन्नू मामले में भारत आरोपों को गंभीरता से ले रहा है। उनकी टिप्पणी अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट को लेकर सामने आई है जिसमें पन्नू की कथित हत्या की नाकाम साजिश में कथित तौर पर शामिल भारत सरकार के अधिकारी के नाम का खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट को भारत ने पूरी तरह से खारिज किया है।

हालांकि जीन-पियरे ने रिपोर्ट के दावों की पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन उन्होंने ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा कि जांच चल रही है। यह कहते हुए कि भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। भारत सरकार भी इसे गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच कर रही है। हम इसके आधार पर सरकार से जवाबदेही की उम्मीद करते हैं। लेकिन हम अपनी चिंताओं को उठाना जारी रखेंगे। यह रुकने वाला नहीं है। हम अपनी चिंताओं को सीधे भारत सरकार के सामने उठाना जारी रखेंगे।

अमेरिका में एक मीडिया आउटलेट द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पन्नू मामले के संबंध में नवंबर 1 में खोले गए अमेरिकी अभियोग में शामिल किए गए व्यक्ति की पहचान कथित तौर पर रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (एक भारतीय सरकारी एजेंसी) के एक अधिकारी के रूप में की गई थी। रिपोर्ट में हत्या की साजिश में सीनियर भारतीय अधिकारियों की कथित संलिप्तता पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसमें कथित तौर पर रॉ के एक पूर्व सीनियर अधिकारी शामिल हैं।

वहीं, भारत ने इस रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह रिपोर्ट एक गंभीर मामले पर अनुचित और निराधार आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराधियों, आतंकवादियों और अन्य के बारे में अमेरिकी सरकार द्वारा साझा की गई सुरक्षा चिंताओं की पड़ताल के लिए भारत सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति की जांच चल रही है। ऐसे में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस पर अटकलें और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां मददगार नहीं होंगी।

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