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भूकंप: आपदा से आफत में इंडोनेशिया, भारत ने की हर संभव मदद की पेशकश

भारत ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ खड़ा है और हम देश में राहत और बचाव कार्यों में हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इंडोनेशिया में आए विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। नई दिल्ली में हर दो सप्ताह में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इंडोनेशिया में जबरदस्त भूकंप आया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। बहुत से लोग बेघर हो गए हैं। 

जायसवाल ने कहा कि हम इस त्रासदी से बहुत दुखी हैं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम घायलों के जल्द ठीक होने और बचाव व राहत कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ खड़ा है और हम देश में राहत और बचाव कार्यों में हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इंडोनेशियाई अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है, जबकि 132 लोग घायल हुए हैं।

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी के ऑपरेशन डायरेक्टर ब्रामंत्यो ने बताया कि घायलों में से 40 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 92 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

लापता लोगों के बारे में कोई और जानकारी न मिलने पर, खोज और बचाव टीमों ने अपना ध्यान इलाके की तलाशी लेने और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के नेतृत्व में रिकवरी ऑपरेशन में मदद करने पर केंद्रित किया है।

इस बीच, मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी ने मंगलवार दोपहर 3 बजे तक फ्लोरेस क्षेत्र में 2,357 आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) दर्ज किए। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे तेज झटका 6.2 तीव्रता का था, जबकि 24 आफ्टरशॉक 5 से ज्यादा तीव्रता के थे और 72 झटके निवासियों ने महसूस किए।

खोज और बचाव एजेंसी ने दूर-दराज के इलाकों में मेडिकल स्टाफ को भेजने और इलाज की जरूरत वाले निवासियों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। प्रांत भर में बने राहत केंद्रों में 5,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हैं। यह भूकंप 15 अगस्त को आया था।

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