भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपील की है कि ऐसे फर्जी दावों पर लोग यकीन न करें। / X/@MEAFactCheck
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म 'एमईए फैक्टचेक' ने उस खबर को फर्जी बताया है जिसमें भारतीय नागरिक को तेहरान में गिरफ्तार किए जाने का दावा किया जा रहा था। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपील की है कि ऐसे फर्जी दावों पर लोग यकीन न करें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की पोस्ट्स में दावा किया गया था कि ईरानी अधिकारियों ने एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर तेहरान के पास संवेदनशील सैन्य स्थलों के जीपीएस निर्देशांक एकत्र करने का आरोप है। पोस्ट के साथ एक व्यक्ति की तस्वीर और कथित सैन्य क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीर भी साझा की गई थी।
एमईए फैक्टचेक ने इस दावे को खारिज करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स को आगाह किया कि ऐसे दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक पोस्ट पर भरोसा न करें और उन्हें आगे साझा करने से बचें।
इस पोस्ट के साथ ही एमईए फैक्टचेक ने 4 पोस्ट्स साझा किए हैं। इन सभी पोस्ट में एक बात कॉमन है। वो ये कि टेक्स्ट लगभग एक सा है और इसमें कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। यानी ये कट-पेस्ट जैसी पोस्ट है। लिखा है कि संवेदनशील ठिकानों के जीपीएस निर्देशांक एकत्रित कर रहे भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया।
चौथा अकाउंट 'पाकिस्तान नाऊ' नाम से है। इससे स्पष्ट है कि भारत के खिलाफ अफवाह फैलाने में पड़ोसी मुल्क का भी बड़ा हाथ है। पहले भी पाकिस्तान की ओर से ऐसी नाकाम कोशिशें की जाती रही हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान से जुड़ी सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे माहौल में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या जासूसी जैसे गंभीर आरोपों को बिना आधिकारिक पुष्टि के साझा करना गलत सूचना को बढ़ावा दे सकता है।
भारत सरकार का विदेश मंत्रालय अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशों से संबंधित गलत और भ्रामक सूचनाओं पर समय-समय पर स्पष्टीकरण जारी करता रहा है। मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उसके बयान और फैक्ट-चेक से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध रहती हैं।
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login