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PBD-2025:पीएम मोदी ने कैसे बदली सोच, जयशंकर ने बताया; युवा प्रवासियों से की ये अपील

जयशंकर ने प्रवासी भारतीयों की युवा पीढ़ी से नियमित रूप से भारत आने की अपील की ताकि उनका भारत से जुड़ाव गहरा हो सके। 

 ओडिशा में भारतीय प्रवासी दिवस सम्मेलन का विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को उद्घाटन किया। ओडिशा में भारतीय प्रवासी दिवस सम्मेलन का विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को उद्घाटन किया। / X @DrSJaishankar

भारत में ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की बुधवार से शुरू हो गया। उद्घाटन विदेश मंत्री एस जयशंकर, युवा एवं खेल मामलों के मंत्री मनसुख मंडाविया और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने किया। 

इस अवसर पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि विकसित भारत की अमृतकाल की यात्रा युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं और योगदान से गहराई से जुड़ी है। भारत के विकास में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी के युवा पीढ़ी पर प्रभाव को समझाने के लिए उन्होंने बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का उदाहरण दिया। 

विदेश मंत्री ने कहा कि एक बार पीवी सिंधु ने बताया था कि पीएम मोदी युवाओं के लिए आदर्श क्यों हैं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने देश को 'चलता है' वाले रवैये से 'बदल सकता है' और फिर 'होगा कैसे नहीं' वाली सोच में बदल दिया है।

डॉ. जयशंकर ने 'भारत को जानिये' क्विज और कार्यक्रमों जैसी पहलों के जरिए प्रवासियों को भारतीय जड़ों से जोड़े रखने के महत्व को रेखांकित किया और भारतवंशी युवाओं से देश को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की युवा पीढ़ी से नियमित रूप से भारत आने की अपील की ताकि उनका भारत से जुड़ाव गहरा हो सके। 

उन्होंने चंद्रयान-3, आदित्य एल-1, आगामी गगनयान मिशन और यूपीआई जैसे परिवर्तनकारी अभियानों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में यूपीआई हमारे इन्फ्रास्ट्रक्चर और मानसिकता दोनों को दर्शाता है। 

जयशंकर ने नए भारत को नई पहचान दे रहे स्टार्टअप्स, यूनिकॉर्न कंपनियों, अटल टिंकरिंग लैब्स, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और ड्रोन दीदी जैसी युवा केंद्रित पहलों का भी जिक्र किया।

उन्होंने स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों की भी सराहना की जो विकास एवं रचनात्मकता का मजबूत आधार प्रदान करके उज्ज्वल भविष्य में भारतीय युवाओं की भूमिका पर दर्शाते हैं।

विदेश मंत्री ने ओडिशा का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के सांस्कृतिक उत्सव और धार्मिक व पुरातात्विक स्थल इस बात की याद दिलाते हैं कि हम भारत के लोग खुद को सभ्यतागत समाज क्यों मानते हैं। 

आधुनिक और सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत प्रौद्योगिकी और परंपरा दोनों के सहारे आगे बढ़ रहा है। राष्ट्र के उद्देश्यों को प्राप्ति में युवा निश्चित रूप से निर्णायक सहयोगी बन सकते हैं।

बता दें कि तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के मुख्य सत्र का औपचारिक उद्घाटन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। शुक्रवार को समापन सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी और प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान करेंगी। 
 



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