प्रोफेसर थलाप्पिल प्रदीप / IIT MADRAS
IIT-मद्रास के प्रोफेसर थलाप्पिल प्रदीप को यूरोपियन एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (EAE) का फुल मेंबर चुना गया है। यह सम्मान पाने वाले वे तीसरे भारतीय हैं। IIT-मद्रास के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में प्रोफेसर और 'दीपक पारेख इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर' प्रदीप, IISc बेंगलुरु के प्रोफेसर C.N.R. राव और बिमान बागची के बाद EAE के मेंबर बनने वाले तीसरे भारतीय वैज्ञानिक हैं।
यह सम्मान नैनोसाइंस, पानी को साफ करने और सस्ते साफ पानी की टेक्नोलॉजी में उनके अहम योगदान के लिए दिया गया है। इन टेक्नोलॉजी की वजह से भारत में लाखों लोगों को आर्सेनिक और कीटनाशकों जैसी अशुद्धियों से मुक्त सुरक्षित पीने का पानी मिल पाया है।
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वे 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर क्लीन वॉटर' (ICCW) के फाउंडर भी हैं। यह सेंटर लैब में हुई खोजों को ऐसी टेक्नोलॉजी में बदलने का काम करता है जिनसे पानी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और दुनिया को पानी की कमी से बचाया जा सके।
उनकी रिसर्च नैनोमटीरियल्स, मॉलिक्यूलर सिस्टम, माइक्रोड्रॉपलेट्स, आइस केमिस्ट्री, क्लस्टर्स, सरफेस और स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसे क्षेत्रों में फैली हुई है। इसमें वे फंडामेंटल केमिस्ट्री, मटीरियल्स साइंस और इंजीनियरिंग को एक साथ लाते हैं।
EAE में उनका चुनाव ANRF J.C. Bose ग्रांट के लिए चुने जाने के कुछ समय बाद हुआ है। इस ग्रांट के तहत यह उनका तीसरा पांच साल का कार्यकाल है। IIT-मद्रास ने X पर एक पोस्ट में प्रदीप को इस सम्मान के लिए बधाई दी।
IIT Madras congratulates Prof. Thalappil Pradeep, Department of Chemistry, IIT Madras and Deepak Parekh Institute Chair Professor, on being elected as a Full Member of the European Academy of Engineering (EAE), becoming the third Indian to receive this distinction.
— IIT Madras (@iitmadras) August 14, 2026
The… pic.twitter.com/uW0NWZo1XO
उन्हें मिले खास सम्मानों में पद्म श्री, विज्ञान श्री, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, केमिस्ट्री में TWAS पुरस्कार, एनी अवॉर्ड और विनफ्यूचर पुरस्कार शामिल हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता, फील्ड्स मेडलिस्ट और ट्यूरिंग अवॉर्ड विजेता इसके सदस्य हैं, इसलिए यूरोपियन एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग से मिली यह पहचान भारतीय वैज्ञानिक उत्कृष्टता के लिए एक बड़ी वैश्विक मान्यता है।
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