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टैरिफ से निपटने के लिए चार सूत्रीय दृष्टिकोण अपना रहा भारत

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस. महेंद्र देव ने कहा कि इस वर्ष देश की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

 प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस. महेंद्र देव... प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस. महेंद्र देव... / eacpm.gov.in

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस. महेंद्र देव ने कहा कि टैरिफ से निपटने के लिए भारत सरकार चार सूत्रीय दृष्टिकोण अपना रही है, जिसमें इंडस्ट्रीज को मदद करना, निर्यात में विविधीकरण लाना और एफटीए शामिल है। 

दिल्ली में स्कॉच शिखर सम्मेलन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए महेंद्र देव ने कहा कि टैरिफ से निपटने के लिए भारत सरकार चार सूत्रीय दृष्टिकोण अपना रही है, जिसमें पहला - इंडस्ट्रीज को मदद पहुंचाना, दूसरा- एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों में निर्यात का विविधीकरण करना, तीसरा- अन्य देशों से फ्री ट्रेंड एग्रीमेंट (एफटीए) करना और चौथा- अमेरिका से ट्रेड डील के लिए बातचीत जारी रखना है।

उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि जापान, साउथ कोरिया और अन्य कई देश इसे हासिल कर चुके हैं। हमें पास सही नीतियां हैं और विकसित भारत के लिए सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर आवश्यक है। इसके लिए हमारी निवेश दर 35 प्रतिशत होनी चाहिए, जो कि फिलहाल 30 प्रतिशत है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है।

विकास दर के बारे में बातचीत करते हुए ईएसी-पीएम के चेयरमैन ने कहा कि इस वर्ष देश की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले साल हमारी विकास दर 6.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच रह सकती है। कोरोना के बाद चार वर्षों में हमारी वृद्धि दर औसत 7.7 प्रतिशत रही है।

उन्होंने आगे बताया कि सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से कारोबार में आसानी को बढ़ावा दे रही है और इसी कड़ी में हाल ही में केंद्र ने परमाणु सेक्टर को निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए खोला है और इंश्योरेंस सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दे दी है। साथ ही, कई कानूनों का गैर-अपराधीकरण और अविनियमन किया गया है।

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