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भारत-ईयू FTA से यूरोपीय बाजार में बढ़ेगी भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होना देश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

 भारत और ईयू के बीच ऐतिहासिक एफटीए भारत और ईयू के बीच ऐतिहासिक एफटीए / IANS

भारत-ईयू एफटीए से निर्यातकों को यूरोपीय बाजारों में वियतनाम, बांग्लादेश, थाईलैंड, मलेशिया और श्रीलंका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बुधवार को दी।  

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए पॉलीमेडिक्योर के एमडी और सीईओ हिंमाशु वैध ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होना देश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे एक साथ यूरोप के 27 देशों के बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुल गए हैं। साथ ही, भारत को यूरोपीय बाजारों में वियतनाम, बांग्लादेश, थाईलैंड, मलेशिया और श्रीलंका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस एफटीए से भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में पहुंच मिलेगी। इससे बड़ी मात्रा में निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस ट्रेड एग्रीमेंट से यूरोपीय टेक्नोलॉजी तक आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। वहीं, यूरोपीय कंपनियों को भारत के रूप में तेजी से बढ़ता हुआ बाजार मिलेगा।

वैध ने कहा कि इस एग्रीमेंट से देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने में मदद मिलेगी और भारत में निवेश बढ़ेगा।

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आईएएनएस से ​​बात करते हुए, चिकित्सा उपकरण निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएमडी) के अध्यक्ष आर.एस. कंवर ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता बेहद लाभकारी है और दवा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा, "भारत-यूरोपीय संघ एफटीए भारतीय चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है। जीवन रक्षक दवाओं तक पहुंच दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है।"

कंवर ने कहा कि चिकित्सा उपकरणों पर शून्य शुल्क एक अच्छी बात है, लेकिन गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता है। तभी भारतीय निर्माता उस बाजार तक पहुंच सकेंगे।

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच एफटीए का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।

प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।

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