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ट्रम्प के 15 प्रतिशत टैरिफ पर कानूनी संकट, भारतवंशी वकील नील कत्याल की खुली चुनौती

कत्याल ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी संविधान कर लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस को देता है, न कि राष्ट्रपति को।

 डोनाल्ड ट्रम्प और भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल डोनाल्ड ट्रम्प और भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल / Wikimedia Commons

भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने अमेरिका द्वारा हाल ही में लगाए गए 15 प्रतिशत वैश्विक आयात टैरिफ की वैधता को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी है। कत्याल वही वकील हैं जिन्होंने पूर्व में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ शासन के कुछ हिस्सों को सफलतापूर्वक रद्द करवाया था।

यह भी पढ़ें- टैरिफ पर ट्रम्प का मूड फिर 'स्विंग', 15 फीसदी का ऐलान; भारत पर क्या असर

पूर्व कार्यकारी अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वादी कत्याल ने कार्यकारी कार्रवाई के माध्यम से इतने व्यापक शुल्क लागू करने के राष्ट्रपति के अधिकार की तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कत्याल ने तर्क दिया कि 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 के तहत लागू किए गए नए टैरिफ का कानूनी आधार मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण है।

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