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भारतीय-अमेरिकी सुहास सुब्रमण्यम ने लहराया जीत का परचम; राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला, थानेदार और रो खन्ना दोबारा विजयी

वॉशिंगटन के सातवें जिले से भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने भी फिर से जीत हासिल की है। रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में फिर जीत हासिल की है। प्रमिला जयपाल भी फिर से चुनी गई हैं।

 जीत के बाद सुहास... जीत के बाद सुहास... / X@Suhas Subramaniam

अमेरिका के चुनाव में जहां राष्ट्रपति पद के लिए भारतीय-अमेरिका कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच घमासान चल रहा है वहीं, वर्जीनिया से साथ ही और इलिनोइस, वॉशिंगटन और कैलीफोर्निया से भारतीय-अमेरिकियों ने जीत का परचल लहराया है। सहास राष्ट्रीय स्तर पर पहली जीत हासिल की है।

खबर है कि वर्जीनिया के 10वें जिले से भारतीय-अमेरिकी सुहास सुब्रमण्यम जीत गये हैं। जीत के बाद सुहास ने एक एक्स पोस्ट में कहा- मैं सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं कि वर्जीनिया के 10वें जिले के लोगों ने सबसे कठिन लड़ाई लड़ने और कांग्रेस में परिणाम देने के लिए मुझ पर भरोसा किया। यह जिला मेरा घर है। मेरी शादी यहीं हुई। मैं और मेरी पत्नी मिरांडा यहां अपनी बेटियों का पालन-पोषण कर रहे हैं और हमारे समुदाय के सामने आने वाली समस्याएं हमारे परिवार के लिए व्यक्तिगत हैं। वॉशिंगटन में इस जिले की सेवा जारी रखना सम्मान की बात है।

 



राजा, प्रमिला और रो फिर जीते
शुरुआती नतीजों के मुताबिक डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने इलिनोइस के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा चुनाव जीतकर अमेरिकी सदन में एक और कार्यकाल हासिल कर लिया है। वह पहली बार 2016 में चुने गए थे। हार्वर्ड से शिक्षित वकील कृष्णमूर्ति ने पहले राज्य सरकार में उप राज्य कोषाध्यक्ष सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं। वॉशिंगटन के सातवें जिले से भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने भी फिर से जीत हासिल की है। रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में फिर जीत हासिल की है। 

हार का सामना
एक ओर जहां भारतीय अमेरिकियों ने चुनाव में जीत हासिल की है तो कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। अश्विन रामास्वामी चुनाव में शॉन स्टिल से हार गये हैं। उधर, डॉ. प्रशांत रेड्डी ने मंच पर घोषणा की कि उन्होंने कंसास में प्रतिनिधि शारिस डेविड्स के सामने चुनाव हार मान ली है। संदीप श्रीवास्तव भी चुनाव हार गये हैं। गिरीश अल्टेकर को भी हार का सामना करना पड़ा है। 


तीन दर्जन से अधिक भारतीय अमेरिकी राज्य और जिला चुनाव में
तीन दर्जन से अधिक भारतीय अमेरिकी देश भर में स्थानीय निकायों और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए मैदान में हैं। यह इस छोटे जातीय समुदाय के बीच राजनीतिक मुख्यधारा का हिस्सा बनने के लिए बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

संभवतः स्थानीय कार्यालयों के लिए चुनाव लड़ने वाले भारतीय अमेरिकियों की सबसे बड़ी संख्या कैलिफोर्निया राज्य में है जहां से उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के अलावा दो सदस्य रो खन्ना और डॉ अमी बेरा प्रतिनिधि सभा में हैं। रो फिर से जीत गये हैं। 

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