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फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी में जैन पीठ की स्थापना के लिए इस भारतीय ने खोला खजाना

फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी (एफएयू) में भगवान संभवनाथ जैन पीठ की स्थापना के लिए डॉ. जसवंत मोदी का 450,000 डॉलर का योगदान जैन दर्शन एवं उसकी शिक्षाओं के वैश्विक प्रसार में मदद करेगा।

 डॉ. जसवंत मोदी मूल रूप से भारत के गुजरात के गोधरा के निवासी हैं।   डॉ. जसवंत मोदी मूल रूप से भारत के गुजरात के गोधरा के निवासी हैं। / Image - drjasvantmodi.net

भारतीय समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त डॉक्टर जसवंत मोदी ने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी (एफएयू) को 450,000 डॉलर देने का संकल्प जताया है। ये योगदान उन्होंने यूनिवर्सिटी में भगवान संभवनाथ जैन पीठ की स्थापना के लिए दिया है। 

जसवंत मोदी का यह योगदान जैन दर्शन एवं उसकी शिक्षाओं के वैश्विक स्तर पर प्रसार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। एफएयू में भगवान संभवनाथ जैन पीठ का फोकस जैन सिद्धांतों खासकर अहिंसा, करुणा और पर्यावरण नैतिकता के बारे में अकादमिक अनुसंधान एवं शिक्षण पर होगा। इसका उद्देश्य धार्मिक एवं दार्शनिक अध्ययनों में विश्वविद्यालय की क्षमताओं और सांस्कृतिक व इंटरफेथ समझ को बढ़ावा देना है।

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के डॉ. जसवंत मोदी ने कहा कि मैं जैन धर्म पर अध्ययन के विस्तार के लिए फ्लोरिडा अटलांटिक विश्वविद्यालय का सपोर्ट करने को लेकर उत्साहित हूं। उम्मीद है कि भगवान संभवनाथ जैन पीठ स्कॉलर्स और छात्रों को जैन धर्म के बारे में गहन जानकारी हासिल करने का एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगा और दुनिया को बेहतर बनाने में योगदान देगा।

डॉ मोदी जैन समुदाय और अन्य परोपकारी संस्थाओं के लिए समाज की मदद से एक मिलियन डॉलर से अधिक की रकम जुटा चुके हैं। यह उपलब्धि जैन मूल्यों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार में मील का पत्थर है।

डॉ. जसवंत मोदी के बारे में बताएं तो उनका जन्म 1951 में भारत के गुजरात राज्य के गोधरा में हुआ है। बीजे मेडिकल स्कूल के पूर्व छात्र की पहचान प्रतिष्ठित गैस्ट्रो डॉक्टर के रूप में भी है। 1975 में वह अमेरिका आ गए थे और शिकागो इलिनोइस को अपना घर बनाया। मोदी और उनकी पत्नी मीरा जैन धर्म के समर्पित अनुयायी हैं।  

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