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अबू धाबी के मंदिर में करनी थी सेवा, इस इनवेस्टमेंट बैंकर ने छोड़ दी नौकरी

43 वर्षीय विशाल मूल रूप से गुजरात के दूसरी पीढ़ी के प्रवासी हैं। वह लंदन में पले-बढ़े हैं और फिलहाल दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के साथ काम कर रहे थे। वह कई निवेश बैंकों और हेज फंड में अहम पदों पर रह चुके हैं।

 विशाल बचपन से ही बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था से जुड़े रहे हैं।  विशाल बचपन से ही बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था से जुड़े रहे हैं।  / साभार सोशल मीडिया

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया था। अब भारतीय मूल के एक इनवेस्टमेंट बैंकर ने अबू धाबी के बीएपीएस मंदिर में सेवा करने के लिए दुबई में अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ दी है।

इनका नाम विशाल पटेल है। 43 वर्षीय विशाल मूल रूप से गुजरात के दूसरी पीढ़ी के प्रवासी हैं। वह लंदन में पले-बढ़े हैं और फिलहाल दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के साथ काम कर रहे थे। इससे पहले वह कई निवेश बैंकों और हेज फंड में अहम पदों पर रह चुके हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विशाल पटेल ने बीएपीएस अबू धाबी मंदिर में पूर्णकालिक स्वयंसेवा करने के लिए कुछ महीने पहले दुबई में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। वह बचपन से ही बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था से जुड़े रहे हैं। 

वह विशाल मंदिर के लिए चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर हैं और मीडिया रिलेशंस एवं रणनीतिक संचार सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हैं। मंदिर निर्माण प्रक्रिया में भी विशाल सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके जैसे कई अन्य नौकरीपेशा लोग बीएपीएस संस्था में सेवा करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हैं।

2016 से यूएई में रह रहे विशाल ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज और महंत स्वामी महाराज ने युवाओं के मन मस्तिष्क पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। अबू धाबी मंदिर के जरिए मुझे समाज पर सार्थक प्रभाव डालने और अच्छे कार्यों में शामिल होने का अवसर मिला। 

लंदन यूनिवर्सिटी से इकनोमिक्स में स्नातक विशाल जब लंदन में बीएपीएस मंदिर में स्वयंसेवा कर रहे थे, तब उनकी मुलाकात मेरिल लिंच के एक सीनियर डायरेक्टर से हुई, जिन्होंने उन्हें इनवेस्टमेंट बैंकिंग सेक्टर में काम करने की सलाह दी। इसके बाद विशाल इस फील्ड से जुड़ गए और अब उन्होंने मंदिर में सेवा करने के लिए नौकरी को अलविदा कह दिया है।  

गौरतलब है कि अबू धाबी में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन पीएम मोदी ने 14 फरवरी को किया था। इस मंदिर के लिए क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 2015 में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान 13.5 एकड़ जमीन दान की थी। इसके बाद जनवरी 2019 में 13.5 एकड़ जमीन और आवंटित की गई। इस तरह यह मंदिर 27 एकड़ जमीन पर बनकर तैयार हुआ। 

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