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भारत-सिंगापुर गोलमेज बैठक 20 अगस्त को, साझेदारी की होगी समीक्षा

ISMR नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसकी पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली, दूसरी सिंगापुर (अगस्त 2024) और तीसरी नई दिल्ली (अगस्त 2025) में हुई थी।

 भारत के विदेश मंत्री जयशंकर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर / YouTube/MinistryofExternalAffairs

भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) के चौथे संस्करण का आयोजन 20 अगस्त को सिंगापुर में होगा। बैठक में दोनों देश द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

सिंगापुर के विदेश मंत्रालय और व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि बैठक में अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित तीसरी ISMRके दौरान हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, सिंगापुर-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए नए अवसरों की पहचान की जाएगी।

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सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग (व्यापार) मंत्री गन किम योंग अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री एवं गृह मंत्री के. षणमुगम, विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री तथा साइबर सुरक्षा और स्मार्ट नेशन समूह की प्रभारी मंत्री जोसेफिन तेओ और परिवहन मंत्री एवं द्वितीय वित्त मंत्री जेफ्री सिओ शामिल होंगे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य एवं उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल होंगे।

भारतीय मंत्री सिंगापुर के प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, उप प्रधानमंत्री गन किम योंग भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन करेंगे।

ISMR भारत और सिंगापुर के बीच मंत्रिस्तरीय स्तर पर सहयोग को आगे बढ़ाने वाला प्रमुख मंच है। इसके तहत दोनों देश डिजिटल अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, वित्त, कौशल, हरित अर्थव्यवस्था और अन्य उभरते क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं पर विचार करते हैं।

भारत के विदेश विभाग ने भी मंगलवार को इस बैठक को लेकर बयान जारी किया था। एमईए के बयान के अनुसार, चारों मंत्री बैठक के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व और अपने समकक्षों के साथ विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ISMR नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसकी पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली, दूसरी सिंगापुर (अगस्त 2024) और तीसरी नई दिल्ली (अगस्त 2025) में हुई थी।

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