ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

प्रवासी किशोरों के लिए इंडिया हेरिटेज प्रोग्राम शुरू, इंडियास्पोरा की पहल

इस पहल के तहत छह देशों के 17 से 19 साल की उम्र के भारतीय मूल के छात्रों को एक साथ लाया जाएगा।

 इंडियास्पोरा हेरिटेज कनेक्ट प्रोग्राम। इंडियास्पोरा हेरिटेज कनेक्ट प्रोग्राम। / X/ @IndiasporaForum

इंडियास्पोरा ने 'इंडियास्पोरा हेरिटेज कनेक्ट प्रोग्राम' शुरू किया है। यह भारतीय मूल के युवाओं के लिए 12 दिन का हेरिटेज और लीडरशिप प्रोग्राम है, जिसके लिए 15 अगस्त से आवेदन शुरू हो चुके हैं। यह प्रोग्राम अमेरिका, कनाडा, यूके, यूएई, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के 17 से 19 साल के हाई स्कूल के जूनियर और सीनियर छात्रों के लिए बनाया गया है।

इस पहल की घोषणा करते हुए संगठन ने कहा कि सालों से इंडियास्पोरा दुनिया भर के भारतीय नेताओं को एक साथ लाता रहा है ताकि वे एक-दूसरे को प्रेरित कर सकें, भारत से अपना जुड़ाव गहरा कर सकें और सीमाओं के पार असर डाल सकें। यह प्रोग्राम उसी मिशन को अगली पीढ़ी तक ले जाता है। यानी प्रवासी भारतीयों के बेटे-बेटियों तक।

यह भी पढ़ें: बिहार में जन्मे शेफ नंद यादव को किंग चार्ल्स की रॉयल गार्डन पार्टी में न्योता

यह प्रोग्राम 21 दिसंबर से 1 जनवरी 2027 तक चलेगा और प्रतिभागी 2 जनवरी 2027 को भारत से रवाना होंगे। इस पहल में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों की यात्रा के साथ-साथ लीडरशिप, सामाजिक प्रभाव, एंटरप्रेन्योरशिप और आज के भारत से जुड़े अनुभव भी शामिल होंगे।



आवेदन 30 सितंबर को बंद हो जाएंगे, जिसके बाद 1 से 15 अक्टूबर तक वर्चुअल इंटरव्यू होंगे। फाइनल सिलेक्शन 20 अक्टूबर को होगा। इंडियास्पोरा (Indiaspora) ने कहा है कि वह 12 से 15 छात्रों का एक छोटा ग्रुप चुनेगा।

इस प्रोग्राम की शुरुआत नई दिल्ली से होगी। इसके बाद पार्टिसिपेंट्स को राजस्थान के विराटनगर में बाल आश्रम ले जाया जाएगा। वहां वे 'सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन' के बारे में जानेंगे और युवा लीडर्स व स्थानीय बदलाव लाने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से मुलाकात का भी प्लान है, हालांकि इंडियास्पोरा ने कहा है कि यह मुलाकात कन्फर्मेशन पर निर्भर करेगी।

1998 में स्थापित बाल आश्रम, बाल मजदूरी, तस्करी और शोषण से बचाए गए बच्चों के लिए एक लॉन्ग-टर्म रिहैबिलिटेशन सेंटर है और यह 'सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन' का हिस्सा है। इस प्रोग्राम के तहत छात्रों को जयपुर भी ले जाया जाएगा, जहां वे आमेर किला, हवा महल और सिटी पैलेस देखेंगे, और आगरा में ताजमहल और आगरा का किला देखेंगे।

नई दिल्ली में, पार्टिसिपेंट्स संसद भवन, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, दिल्ली हाट, कनॉट प्लेस, अक्षरधाम मंदिर, लोटस टेम्पल और हुमायूं का मकबरा देखेंगे। इस प्लान में किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट का दौरा, एक प्रमुख नॉन-प्रॉफिट संस्था का दौरा और एक स्टार्टअप फाउंडर के साथ बातचीत भी शामिल है।

ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि इस प्रोग्राम का मकसद पार्टिसिपेंट्स को पहचान, लीडरशिप और सामाजिक प्रभाव के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही ग्लोबल इंडियन कम्युनिटी के अन्य युवा सदस्यों के साथ संबंध बनाना भी है।

इंडियास्पोरा ने कहा कि आवेदकों की भारत के इतिहास और संस्कृति में रुचि होनी चाहिए। इसके अलावा, वे ऐसे छात्रों की भी तलाश कर रहे हैं जो अलग-अलग नजरियों के लिए खुले हों और साथी पार्टिसिपेंट्स के साथ जुड़ने के लिए उत्साहित हों।

प्रोग्राम की फीस $5,500 है, जिसमें नई दिल्ली, जयपुर और विराटनगर के बाल आश्रम में रहने की व्यवस्था, साथ ही लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना, प्रोग्राम की गतिविधियां, एंट्री टिकट और एयरपोर्ट ट्रांसफर शामिल हैं। इंटरनेशनल हवाई किराया, वीजा, यात्रा और मेडिकल इंश्योरेंस और पर्सनल खर्च इसमें शामिल नहीं हैं।

आवेदन के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?