प्रतीकात्मक / File Photo: IANS
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (CNWG) के 'प्रथम पिलर' वर्किंग ग्रुप की बैठक की। इस बैठक में भारत और अमेरिका की कई एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
NCB ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि हाइब्रिड मोड में गुरुवार को बैठक आयोजित की गई थी। भारतीय पक्ष से एनसीबी, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO), विदेश मंत्रालय (AEI), राजस्व विभाग और रसायन व पेट्रो-रसायन विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA), LEGAT, ऑफिस ऑफ नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी (ONDCP) और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी शामिल थे।
NCB के अनुसार, चर्चा का मुख्य फोकस परिचालन सहयोग को मजबूत करने, प्रीकर्सर केमिकल्स के गलत इस्तेमाल को रोकने, नीतिगत समन्वय को बेहतर बनाने और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने पर था।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने X पोस्ट में लिखा कि भारत ने प्रीकर्सर रसायनों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अपने मजबूत प्रीकर्सर नियंत्रण ढांचे तथा नियामक व प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने के लिए चल रही पहलों पर बात की।
इसी बीच, केंद्र सरकार ने इस सप्ताह लोकसभा को सूचित किया कि एनसीबी ने 27 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों और 19 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों के माध्यम से ड्रग कंट्रोल में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों के साथ ड्रग से जुड़े मामलों पर नियमित रूप से महानिदेशक (DG) स्तर पर द्विपक्षीय बातचीत करता है।
नरेश गणपत म्हस्के और श्रीकांत शिंदे के सवालों का जवाब देते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि नशीली दवाओं की अवैध तस्करी और उनके दुरुपयोग की चुनौती से निपटने के लिए 26 जून को 'नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-2029) पर विजन डॉक्यूमेंट' जारी किया गया। इसमें 'पूरी सरकार' और 'पूरे समाज' के नजरिए से नशीली दवाओं पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग संबंधित पक्षों की ओर से हासिल किए जाने वाले स्पष्ट प्राथमिकताओं और समय-सीमा वाले लक्ष्यों के साथ तीन साल का रोडमैप तैयार किया गया है।
राज्य मंत्री ने कहा कि भारत में नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग को नियंत्रित करने के क्षेत्र में केंद्रीय व राज्य ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साथ अन्य संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए एनसीबी ने चार-स्तरीय नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर सिस्टम भी बनाया है।
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