प्रतिनिधि राजा कृष्णमूर्ति / X
अमेरिकी प्रतिनिधि राजा कृष्णमूर्ति ने संघीय वैक्सीन पॉलिसी के बारे में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर की आलोचना की है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वे आधिकारिक गाइडलाइंस में गलत साबित हो चुकी वैक्सीन से जुड़ी साजिश की थ्योरी शामिल कर रहे हैं और अमेरिका के बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
डेमोक्रेट नेता ने एक बयान में चेतावनी दी कि फेडरल टीकाकरण गाइडेंस में बदलाव करने से रोकी जा सकने वाली संक्रामक बीमारियों के खिलाफ दशकों की प्रगति पर पानी फिर सकता है और और भी बीमारियां वापस आ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर बच्चों की जान से ज्यादा वैक्सीन के बारे में गलत साबित हो चुकी साजिश की थ्योरी को अहमियत देता है। कांग्रेसमैन ने तर्क दिया कि फेडरल एजेंसियों को अजीबोगरीब थ्योरी के बजाय स्थापित मेडिकल रिसर्च पर भरोसा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दशकों की रिसर्च और वैज्ञानिक आम सहमति से पता चलता है कि वैक्सीन असरदार हैं और उन्होंने लाखों जानें बचाई हैं, और वैक्सीन और ऑटिज्म के बीच कोई विश्वसनीय संबंध नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 अगस्त को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उन बीमारियों की संख्या कम कर दी गई जिनके लिए सभी अमेरिकी बच्चों को नियमित रूप से वैक्सीन की सलाह दी जाती है, और राज्यों से स्कूल में टीकाकरण की जरूरतों पर फिर से विचार करने का आग्रह किया गया।
इस निर्देश में खसरे (मीजल्स), मम्प्स और रूबेला की कंबाइंड वैक्सीन की जगह तीन अलग-अलग बीमारियों के टीके लगाने की भी सलाह दी गई है, जब ऐसे टीके देश में उपलब्ध हो जाएं।
वैक्सीन को सीमित करना हेल्थ सेक्रेटरी रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर की मुख्य प्राथमिकता रही है। उन्होंने वैक्सीन-विरोधी एक नॉन-प्रॉफिट संस्था शुरू की थी और लंबे समय से टीकाकरण और ऑटिज्म के बीच एक ऐसे संबंध का प्रचार किया है जो गलत साबित हो चुका है।
Donald Trump is using the presidency to turn debunked vaccine conspiracy theories into federal policy, endangering America’s children.
— Congressman Raja Krishnamoorthi (@CongressmanRaja) August 10, 2026
The return of measles is already a warning of what happens when vaccination rates fall. Trump’s order risks bringing even more preventable… pic.twitter.com/KKA2VB17LH
खसरे के मामलों में हालिया बढ़ोतरी की ओर इशारा करते हुए, कृष्णमूर्ति ने कहा कि दशकों में खसरे का यह सबसे बुरा प्रकोप इस बात की चेतावनी है कि जब टीकाकरण की दर गिरती है तो क्या होता है, और ट्रंप के आदेश से ऐसी और भी बीमारियां वापस आ सकती हैं जिन्हें रोका जा सकता है।
कांग्रेसमैन ने खास तौर पर पब्लिक हेल्थ से जुड़े राजनीतिक बयानों का ज़िक्र किया और डोनल्ड ट्रंप व रॉबर्ट एफ. केनेडी जूनियर की दलीलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फेडरल एजेंसियों को अजीबोगरीब थ्योरी के बजाय स्थापित मेडिकल रिसर्च पर भरोसा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे विज्ञान और मेडिकल कम्युनिटी की समझ पर आधारित वैक्सीन की सलाह पाने के हकदार हैं, न कि डोनल्ड ट्रंप और आरएफके जूनियर द्वारा प्रचारित गलत साबित हो चुकी साजिश की थ्योरी पर।
व्हाइट हाउस ने कहा कि जनवरी में पूरे हुए HHS के एक आकलन में पाया गया कि अमेरिका में दूसरे विकसित देशों की तुलना में बच्चों के लिए ज्यादा वैक्सीन की सलाह दी जाती है। इसमें कहा गया कि CDC शेड्यूल का पालन करने वाले अमेरिकी बच्चों को 1980 में सात बीमारियों के खिलाफ सात शॉट्स में 23 डोज दिए जाते थे। 2024 तक, यह शेड्यूल बढ़कर कम से कम 57 शॉट्स में 84 डोज हो गया, जिसमें 17 बीमारियों के साथ-साथ RSV मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इम्यूनाइजेशन भी शामिल है।
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