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अमेरिकी सीनेट उम्मीदवार हरमेश कुमार सुपर ट्यूसडे के लिए तैयार

कुमार का कहना है कि जीतने पर पहले ही दिन से वह कांग्रेस के अपने साथी सदस्यों को इजराइल-हमास युद्ध में तत्काल संघर्षविराम का आह्वान करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

 डॉ. हरमेश कुमार ने बीती जुलाई के स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया।  डॉ. हरमेश कुमार ने बीती जुलाई के स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। / Image : Harmesh Kumar

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. हरमेश कुमार इस महीने एक असामान्य लड़ाई की तैयारी में हैं। डॉ. कुमार कैलिफोर्निया में सदन और अमेरिकी सीनेट दोनों सीटों के लिए एक साथ चुनाव मैदान में हैं। दिवंगत सीनेटर डायने फेनस्टीन की सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा है। यहां प्रतिनिधि बारबरा ली, केटी पोर्टर और एडम शिफ (सभी डेमोक्रेट) दौड़ में आगे चल रहे हैं।

पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी और  रिपब्लिकन स्टीव गार्वे इस मुकाबले में आश्चर्यजनक रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी 5 मार्च को सुपर ट्यूसडे में जीत की उम्मीद है। कैलिफोर्निया में 'टॉप टू' प्रणाली है। इसमें किसी भी पार्टी के सबसे अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार 5 नवंबर को आम चुनाव के लिए बढ़ेंगे।

कुमार अमेरिकी सीनेट की दौड़ में काफी पीछे हैं लेकिन पूर्व हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी की खाली सीट पर होने वाले विशेष चुनाव में (19 मार्च) उनका प्रदर्शन कहीं बेहतर हो सकता है। मैक्कार्थी ने बीते दिसंबर में इस्तीफा दे दिया था। सीडी 20 को आम तौर पर रिपब्लिकन माना जाता है जिसमें राज्य विधानसभा सदस्य विंसेंट फोंग और तुलारे काउंटी शेरिफ माइक बौड्रेक्स लीड कर रहे हैं। लेकिन कुमार ने न्यू इंडिया अब्रॉड को बताया कि उनका मानना ​​है कि वह जिले के विशाल कृषि आधार और इसके असंख्य दक्षिण एशियाई अमेरिकी निवासियों का लाभ उठा सकते हैं।

कुमार सीडी 20 में नहीं रहते लेकिन संघीय चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि उम्मीदवार अपने जिले के बाहर से चुनाव लड़ सकते हैं। फेयर पॉलिटिकल प्रैक्टिसेज कमीशन के जे वेरिंगा ने NIA को बताया कि एक उम्मीदवार के लिए एक साथ दो मुकाबलों में भाग लेना असामान्य है लेकिन पहले ऐसा हुआ है। 

न्यू इंडिया अब्रॉड के साथ एक साक्षात्कार में कुमार ने कहा कि उन्होंने अब तक वंचित लोगों की सेवा की है। कहते हैं कि अस्पृश्यता मैं केवल भारत में ही नहीं देखता, अमेरिकी सरकार भी छुआछूत पैदा कर रही है। जो लोग संघर्ष कर रहे हैं उनके पास अमेरिकी सरकार की ओर से कोई अधिकार और सुरक्षा उपाय नहीं हैं।

कुमार ने अमीरों के हितों की रक्षा के लिए सरकारी खर्च के उदाहरण के रूप में पिछले साल सिलिकॉन वैली बैंक के 30 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज का जिक्र किया और कहा लेकिन गरीबों के लिए ऐसा कुछ नहीं है। यदि आप और मैं फौजदारी में अपना घर खो देते हैं और हम सरकार से गुहार लगाएं हमें कुछ वर्षों के लिए राहत दे दी जाए तो वह मना कर देगी। 

कुमार ने कहा कि सरकार से मासिक विकलांगता वजीफा पाने वाले लोगों को मौद्रिक उपहार प्राप्त करने के लिए दंडित किया जाता है। यदि आपके खाते में 2,000 डॉलर से अधिक हैं तो आपके सामाजिक सुरक्षा लाभ रोक दिए जाते हैं। आपके चिकित्सीय लाभ रोक दिए जाते हैं। सरकार के लोग ही आम लोगों के लिए संकट पैदा कर रहे हैं।

प्रमुख मुद्दों के सवाल पर कुमार का कहना है कि वह मानसिक स्वास्थ्य संकट को हल करना चाहते हैं क्योंकि यह बड़े पैमाने पर गोलीबारी, नशीली दवाओं की लत, गरीबी जैसे अन्य सामाजिक संकटों की वजह बनता है। हम मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत पैसा खर्च कर रहे हैं लेकिन सेवाओं की पहुंच बहुत खराब है। इसलिए मैं एक ऐसी प्रणाली बनाना चाहता हूं जहां जरूरतमंद लोगों के लिए सेवाओं की पहुंच सुलभ हो।

कुमार का कहना है कि जीतने पर पहले ही दिन से वह कांग्रेस के अपने साथी सदस्यों को इजराइल-हमास युद्ध में तत्काल संघर्षविराम का आह्वान करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। अमेरिका दुनिया की एक बड़ी ताकत है मगर देखो हमारी सरकार गाजा में क्या कर रही है। 29,000 निर्दोष लोग केवल इसलिए मारे गए क्योंकि हमने इसे 'मंजूरी' दी। 

कुमार का कहना है कि यदि वह 5 मार्च को अमेरिकी सीनेट में अपना अभियान हार जाते हैं तो प्रतिनिधि बारबरा ली का समर्थन करेंगे क्योंकि बारबरा ही कांग्रेस की एकमात्र सदस्य हैं जिन्होंने 2001 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण के खिलाफ मतदान किया था।

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