सांकेतिक चित्र। / Courtesy: IANS
भारतीय यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान को और अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बुधवार को HSBC इंडिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत अब सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन के लिए रियल-टाइम विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) सेटलमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस साझेदारी के तहत HSBC इंडिया डायरेक्ट API इंटीग्रेशन के माध्यम से रियल-टाइम फॉरेक्स रेट उपलब्ध कराएगा, जिससे विदेश में खरीदारी करते समय ग्राहक भुगतान के समय ही यह देख सकेंगे कि उन्हें भारतीय रुपए (INR) में कितनी राशि चुकानी होगी।
NPCI के अनुसार, यह पहल अंतरराष्ट्रीय UPI भुगतान को अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगी। इससे विदेशों में मौजूद व्यापारी और वित्तीय संस्थान अपनी स्थानीय मुद्रा में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे, जबकि भारतीय ग्राहकों को सटीक विनिमय दर का लाभ मिलेगा।
इस साझेदारी से सीमा-पार भुगतान प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी और दुनिया भर में भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को अपनाने की गति भी तेज होगी।
NPCI के प्रवक्ता ने कहा कि HSBC के साथ यह साझेदारी सीमा-पार भुगतान के लिए प्रभावी विदेशी मुद्रा रूपांतरण और रियल-टाइम सेटलमेंट उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राहकों को अधिक पारदर्शी भुगतान अनुभव मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय भुगतान पहले से अधिक सुविधाजनक बनेंगे। साथ ही यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने में भी मदद करेगा।
HSBC इंडिया के वैश्विक भुगतान नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय क्षमताओं से समर्थित यह API आधारित व्यवस्था चौबीसों घंटे सुरक्षित और तेज सीमा-पार भुगतान सुनिश्चित करेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय UPI लेनदेन पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनेंगे।
वर्तमान में भारतीय यूपीआई सेवा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नेपाल, भूटान, मॉरीशस, फ्रांस, श्रीलंका, कतर और कंबोडिया सहित कुल नौ देशों में उपलब्ध है। इन देशों में भारतीय ग्राहक अपने घरेलू बैंक खाते से सीधे रुपए में क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं।
NPCI भारत में रिटेल डिजिटल भुगतान प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसने यूपीआई, रुपे, आईएमपीएस, एनएसीएच, एनईटीसी, एईपीएस और ईआरयूपीआई जैसी कई महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान सेवाओं का विकास किया है। यह संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के मार्गदर्शन में कार्य करती है।
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