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मिथिला मखाना ने भरी वैश्विक उड़ान, बिहार से ऑस्ट्रेलिया पहुंची पहली समुद्री खेप

इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों की मेहनत और बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण बताया है।

 मिथिला मखाना ने भरी वैश्विक उड़ान, बिहार से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप मिथिला मखाना ने भरी वैश्विक उड़ान, बिहार से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप / Representational Image, (File Photo : IANS)

बिहार के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया निर्यात की गई है।  

इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों की मेहनत और बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण बताया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए कहा कि मिथिलांचल की धरती से ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक बिहार के मखाने ने वैश्विक उड़ान भरी है।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप का ऑस्ट्रेलिया निर्यात राज्य के किसानों की मेहनत और कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण है। दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदी गई इस खेप से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए उत्साहजनक उपलब्धि बताया।

वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में कहा कि भारत के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सहयोग से बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया।

पीयूष गोयल के अनुसार, इस खेप की खरीद दरभंगा के किसानों से सीधे की गई, जिससे उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया।

मिथिला मखाना को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी विशिष्ट पहचान को वैश्विक बाजार में मजबूती मिली है। ऑस्ट्रेलिया को समुद्री मार्ग से पहली बड़ी खेप का निर्यात बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है।
 

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