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PoK में पाकिस्तानी सेना का अत्‍याचार, इटली में विरोध-प्रदर्शन; न‍िकाला मार्च

यह विरोध मार्च ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया के कई देशों में कश्मीरी प्रवासी समुदाय की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

  व‍िरोध के चलते इटली के बोलोन्या शहर में कश्मीरी प्रवासी समुदाय के हजारों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। व‍िरोध के चलते इटली के बोलोन्या शहर में कश्मीरी प्रवासी समुदाय के हजारों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। / X/@JKJAAC_

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी बलों की ओर से निर्दोष नागरिकों की हत्या का व‍िरोध इटली तक देखने को म‍िल रहा है। इस व‍िरोध के चलते इटली के बोलोन्या शहर में कश्मीरी प्रवासी समुदाय के हजारों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव और अशांति लगातार बढ़ रही है। 

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी बलों के खिलाफ नारे लगाए और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAC) के प्रति अपना समर्थन जताया। सोमवार को जेएएसी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि इटली में कश्मीरियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तानी बलों की ओर से निहत्थे नागरिकों के कथित 'नरसंहार' के खिलाफ आवाज उठाए। जेएएसी ने कहा क‍ि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी केवल अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

यह विरोध मार्च ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया के कई देशों में कश्मीरी प्रवासी समुदाय की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पीओके में पाकिस्तानी प्रशासन शांतिपूर्ण लोगों पर कठोर कार्रवाई कर रहा है और उन्होंने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

इस बीच, पीओके स्थित मानवाधिकार दस्तावेजीकरण और निगरानी संस्था जम्मू कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) के अनुसार, पांच जून से पांच अगस्त के बीच क्षेत्र में बढ़ती अशांति के दौरान 93 नागरिकों की मौत दर्ज की गई।

पिछले सप्ताह, यूनाइटेड किंगडम के ब्रैडफोर्ड शहर में स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी कश्मीरी प्रवासी समुदाय के कई लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी बलों की कथित कार्रवाई की निंदा की।

इन प्रदर्शनकारियों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने जेएएसी के समर्थन में आवाज उठाई और क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अभियानों को समाप्त करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तख्तियां उठा रखी थीं, जिन पर लिखा था, 'पाकिस्तान बर्बरता बंद करो', 'पाकिस्तान रावलकोट में कश्मीरियों की हत्या बंद करो' और 'हम अवामी एक्शन कमेटी के साथ हैं।' प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी बलों के खिलाफ नारे भी लगाए।

हाल ही में, ब्रिटेन के कई सांसदों ने भी पीओके में नागरिकों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है, क्योंकि क्षेत्र में अशांति लगातार बढ़ रही है। ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद लियाम बर्न ने कहा कि पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर असली गोलियों के इस्तेमाल की खबरें 'बेहद चिंताजनक' हैं।

वहीं, ब्रिटिश सांसद अदनान हुसैन ने पीओके में नागरिकों की मौत को 'दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी' बताया। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अत्यधिक या गैरकानूनी बल का इस्तेमाल किया गया है, तो इसकी पूरी, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।


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