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रो खन्ना ने पेश किए दो प्रस्ताव: आय में समानता पर जोर, वेल्थ टैक्स के लिए लोन प्लान

खन्ना ने ऐसे आर्थिक आंकड़ों की ओर इशारा किया जिनसे पता चलता है कि अमेरिका में वेतन और सैलरी घटकर सकल घरेलू आय का 43% रह गए हैं। वेल्थ टैक्स के लिए लोन प्लान को लेकर उद्यमी मार्क क्यूबन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और चेतावनी दी कि इस कदम से स्टार्टअप फाउंडर्स राज्य छोड़कर जा सकते हैं।

 रो खन्ना  रो खन्ना / X/@RoKhanna

कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रो खन्ना ने ओनरशिप इकॉनमी (मालिकी वाली अर्थव्यवस्था) पॉलिसी का एक फ्रेमवर्क पेश किया है। इसका मकसद दशकों से चली आ रही आय की असमानता को कम करना और यह पक्का करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली प्रोडक्टिविटी का फायदा अमेरिकी कामगारों को भी मिले।

उन्होंने आर्थिक डेटा का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका में मजदूरी और वेतन, कुल राष्ट्रीय आय का 43% रह गया है, जो 1929 में रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से सबसे निचले स्तर के करीब है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आय में मजदूरों की हिस्सेदारी में आई भारी गिरावट हमारे समय का सबसे अहम आर्थिक मुद्दा है।

खन्ना ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में एक लंबे समय से चल रहे ट्रेंड की ओर इशारा करते हुए कहा कि पिछले 50 सालों में स्टॉक मार्केट में तो जबरदस्त तेजी आई है, लेकिन मजदूरी में बढ़ोतरी उतनी नहीं हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि आज की अर्थव्यवस्था में मुख्य टकराव उन लोगों के बीच है जिनके पास बड़ी संपत्ति है और उन लोगों के बीच जो अपनी कमाई के लिए मजदूरी पर निर्भर हैं।
 



वेल्थ टैक्स के लिए लोन प्लान

कांग्रेसमैन रो खन्ना ने कैलिफ़ोर्निया में अरबपतियों पर 5% वेल्थ टैक्स (संपत्ति कर) लगाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इससे कामकाजी वर्ग के कैलिफोर्निया निवासियों की हेल्थ केयर सुविधाएं बनी रहेंगी।

खन्ना की इस बात पर अमेरिकी बिज़नेसमैन और एंटरप्रेन्योर मार्क क्यूबन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से स्टार्टअप फ़ाउंडर और निवेशक राज्य छोड़कर जा सकते हैं।

15 अगस्त को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में खन्ना ने कहा कि कैलिफोर्निया डेमोक्रेटिक पार्टी और कैलिफ़ोर्निया लेबर मूवमेंट ने कैलिफोर्निया के 250 अरबपतियों पर 5% वेल्थ टैक्स लगाने के मामले में "बर्नी सैंडर्स और मेरा साथ दिया है।"

सीनेटर और लेबर ग्रुप कैलिफ़ोर्निया में एक बैलेट प्रस्ताव के लिए कैंपेन कर रहे हैं, ताकि 1 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की नेट वर्थ वाले निवासियों पर एक बार 5% वेल्थ टैक्स लगाया जा सके। खन्ना ने कहा कि इस बैलेट प्रस्ताव के पास होने से यह पक्का हो जाएगा कि लाखों कामकाजी और मध्यम वर्गीय कैलिफ़ोर्निया निवासियों की हेल्थ केयर सुविधाएं खत्म न हों।

उन्होंने कहा कि सैक्रामेंटो एस्टेब्लिशमेंट और इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले लॉबिस्ट जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे हुए हैं। इससे पता चलता है कि कैलिफोर्निया के वोटर ऐसी डेमोक्रेटिक पार्टी चाहते हैं जो अरबपति वर्ग के बजाय कामकाजी वर्ग के साथ खड़ी हो।

क्यूबन ने कहा कि तेज़ी से बढ़ रहे स्टार्टअप के फाउंडर कागजों पर तो अरबपति बन सकते हैं, लेकिन उनके पास प्रस्तावित टैक्स चुकाने के लिए करोड़ों डॉलर की लिक्विड एसेट (नकद या आसानी से कैश में बदली जा सकने वाली संपत्ति) नहीं होती।

क्यूबन ने X पर लिखा कि वे 'कैश के मामले में गरीब, लेकिन स्टॉक के मामले में अमीर' वाली परिभाषा पर खरे उतरते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से स्टार्टअप फ़ाउंडर और निवेशक कैलिफ़ोर्निया छोड़ सकते हैं।

क्यूबन ने लिखा कि अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो सिर्फ़ बेवकूफ स्टार्टअप फ़ाउंडर ही कैलिफ़ोर्निया में रहेंगे। क्यूबन ने चेतावनी दी कि इस कदम का असर इस बात पर भी पड़ सकता है कि वह कहां निवेश करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं निवेश के लिए कैलिफोर्निया में न होना एक जरूरी शर्त बनाऊंगा। आइडियोलॉजी (विचारधारा) कोई स्ट्रैटेजी (रणनीति) नहीं है, रो।

इसके बाद खन्ना ने उन फ़ाउंडर्स के लिए एक वैकल्पिक तरीका सुझाया जिनकी ज्यादातर संपत्ति प्राइवेट कंपनियों के स्टॉक में लगी हुई है।
 



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