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हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के संकल्प शंकर को 2024 की गोल्डस्मिथ फेलोशिप, जानें इसका महत्व

1988 में स्थापित यह फेलोशिप गैर-लाभकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में करियर के प्रति प्रतिबद्ध एमबीए छात्रों को प्रदान की जाती है।

 संकल्प शंकर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में दासरा के इम्पैक्ट डैशबोर्ड की अवधारणा शामिल है।  संकल्प शंकर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में दासरा के इम्पैक्ट डैशबोर्ड की अवधारणा शामिल है। / Image – HBS

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (HBS) ने भारतीय परोपकारी उद्यम दासरा के अधिकारी संकल्प शंकर को साल 2024 के होरेस डब्ल्यू गोल्डस्मिथ फैलोशिप से सम्मानित करने का ऐलान किया है।

1988 में स्थापित यह फेलोशिप गैर-लाभकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में करियर के प्रति प्रतिबद्ध एमबीए छात्रों को प्रदान की जाती है। इसके तहत विजेता को को दो साल के लिए सालाना 10,000 डॉलर दिए जाते हैं।

1,500 से अधिक गैर-लाभकारी संस्थाओं को 400 मिलियन डॉलर का सहयोग दे चुके दासरा में संकल्प शंकर के अहम योगदान ने उन्हें यह सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्थापक कार्यालय में शंकर ने उद्यम के वैश्विक विकास में तेजी के लिए डेटा संचालित प्रक्रियाओं और रणनीतिक नीतियों को लागू किया जिससे उसकी ग्लोबल साउथ के एक अग्रणी संगठन के रूप में स्थिति मजबूत हुई है।

शंकर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में दासरा के इम्पैक्ट डैशबोर्ड की अवधारणा शामिल है। यह संगठन की प्रभावशीलता को मापने और आगे बढ़ाने के लिए तैयार एक टूल है। उन्होंने संस्थागत कंपनियों से फंडिंग भी हासिल की है, जिसकी बदौलत अगले पांच वर्षों में गैर-लाभकारी संस्था में 200% की वृद्धि की उम्मीद है।

फेलोशिप पर अपनी टिप्पणी में संकल्प शंकर ने कहा कि इससे ग्लोबल साउथ में जटिल सामाजिक मुद्दों के समाधान के मेरे दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने, नवीन विचारों और सबसे बेहतर प्रथाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी। 

होरेस डब्ल्यू गोल्डस्मिथ फाउंडेशन और रिचर्ड एल मेन्शेल द्वारा समर्थित यह फेलोशिप प्रोग्राम एचबीएस छात्रों और सामाजिक उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित पूर्व छात्रों के नेटवर्क को बढ़ावा देना चाहता है। 

फेलोशिप प्राप्तकर्ताओं को सामाजिक उद्यम के अगुआ नेताओं के साथ घटनाओं एवं परिचर्चाओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है ताकि गैर-लाभकारी कार्यों के जरिए सकारात्मक प्रभाव बनाने की उनकी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया जा सके।
 

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