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ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्य : लश्कर, जैश और हिज्बुल मुजाहिदीन पर वार

जैश-ए-मोहम्मद के चार ठिकानों, लश्कर-ए-तैयबा के तीन और हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकी समूहों को निशाना बनाया गया।

 7 मई, 2025 को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुजफ्फराबाद में भारत के हमलों के बाद ब्लैकआउट के दौरान शहर का दृश्य।  7 मई, 2025 को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुजफ्फराबाद में भारत के हमलों के बाद ब्लैकआउट के दौरान शहर का दृश्य। / Reuters/Akhtar Soomro

भारतीय रक्षा सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ये दोनों खतरनाक आतंकी संगठन पाकिस्तानी क्षेत्र से काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : आतंकवाद पर प्रहार : सटीक हमले के बाद भारतीय रक्षा बलों ने कहा- न्याय हुआ

जैश-ए-मोहम्मद के चार ठिकानों, लश्कर-ए-तैयबा के तीन और हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकी समूहों को निशाना बनाया गया। लक्ष्यों का विवरण इस प्रकार है...

  • मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर :  JeM (बहावलपुर राजस्थान की सीमा के पार थार रेगिस्तान में है। यह जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा है। इस आतंकी संगठन का नेतृत्व मौलाना मसूद अजहर करता है जो उन तीन आतंकवादियों में से एक है जिन्हें भारत ने दिसंबर 1999 में अपहृत इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के यात्रियों के बदले में पड़ोसी को सौंपा गया था। 
  • मरकज तैयबा, मुरीदके - मुरीदके लाहौर के पास है। यह हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन का आधार है, जिसने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों को अंजाम दिया था। लश्कर-ए-तैयबा का आधार शिविर मरकज-ए-तैयबा, मुरीदके में है।
  • सरजाल, तेहरा कलां - जैश-ए-मोहम्मद
  • मेहमूना जोया, सियालकोट - हिज्बुल
  • मरकज अहले हदीस, बरनाला - लश्कर
  • मरकज अब्बास, कोटली - जैश
  • मस्कर राहील शाहिद, कोटली - हिज्बुल
  • शावाई नल्ला कैंप, मुजफ्फराबाद - लश्कर
  • सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद - जैश

लाहौर के पास मुरीदके को हमेशा से लश्कर के मुख्यालय के रूप में जाना जाता रहा है। भारतीय हमलों में प्रशिक्षण शिविरों और रसद सुविधाओं पर हमला किया गया।

बहावलपुर में, जो कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के अभियानों का केंद्र है, भारतीय हमलों ने अहमद ईस्ट इलाके में सुभानउल्लाह मस्जिद परिसर को निशाना बनाया, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि वह आतंकवादियों का भर्ती और प्रशिक्षण केंद्र है।

मुजफ्फराबाद और कोटली: जानकारी यह है कि ये दोनों पाकिस्तान के अंदर से भारत में जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ के मुख्य केंद्र हैं। गुलपुर, भीमबर, बाग, चक अमरू और सियालकोट को आतंकवादी संगठनों के लिए सहायता केंद्र बताया जाता है।

भारतीय अधिकारियों ने कहा कि 9 स्थानों का चयन 'कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी' के आधार पर किया गया था।

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