ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

भारतीय-अमेरिकी प्रो. अमित गोयल 2026 ग्लोबल एनर्जी प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट

2026 ग्लोबल एनर्जी प्राइज के विजेताओं का चयन नोबेल पुरस्कार विजेता रे क्वोन चुंग की अध्यक्षता वाली एक अंतरराष्ट्रीय समिति करेगी।

 प्रो. अमित गोयल  प्रो. अमित गोयल / SUNY Buffalo

भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ता अमित गोयल को 2026 के ग्लोबल एनर्जी प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह एनर्जी साइंस के क्षेत्र में दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है और उन्हें यह सम्मान क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल रिसर्च में उनके योगदान के लिए दिया जा रहा है।

ग्लोबल एनर्जी एसोसिएशन ने 9 जून को शॉर्टलिस्ट की घोषणा की, जिसमें तीन कैटेगरी- पारंपरिक ऊर्जा, गैर-पारंपरिक ऊर्जा और ऊर्जा के इस्तेमाल के नए तरीके- के तहत नौ देशों के 15 वैज्ञानिकों के नाम शामिल किए गए।

यह भी पढ़ें: भारतीय मूल के कंप्यूटर साइंटिस्ट गौतम कामथ ने गोडेल प्राइज जीता

साइटेशन के अनुसार, गोयल को पारंपरिक ऊर्जा कैटेगरी में हाई-परफॉर्मेंस, हाई-टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग तारों के उत्पादन में मदद करने वाले तरीके विकसित करने के लिए चुना गया।

RENEW इंस्टीट्यूट को लीड करने के अलावा गोयल यूनिवर्सिटी एट बफेलो में 'रिसर्च एंड एजुकेशन इन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (RENEW) इंस्टीट्यूट' के संस्थापक निदेशक हैं। 2015 में यूनिवर्सिटी से जुड़ने के बाद से ही वे ऊर्जा, पर्यावरण की स्थिरता और जल संसाधनों से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कई विषयों को मिलाकर किए जाने वाले प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।

मटीरियल साइंस और इंजीनियरिंग के जाने-माने विशेषज्ञ गोयल ने दो दशकों से अधिक समय क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी को विकसित करने में बिताया है। उनकी रिसर्च बड़े आकार वाले, कम लागत वाले और हाई-परफॉर्मेंस वाले लचीले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर केंद्रित है, जिनमें सुपरकंडक्टर, फोटोवोल्टिक्स, फेरोइलेक्ट्रिक्स और मल्टीफेरोइक्स शामिल हैं। उन्हें एडवांस्ड डिवाइस एप्लीकेशन के लिए नैनोडॉट्स और नैनोरॉड्स की थ्री-डायमेंशनल सेल्फ-असेंबली में अग्रणी काम के लिए भी जाना जाता है।

यूनिवर्सिटी एट बफेलो में आने से पहले, गोयल ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी में कॉर्पोरेट फेलो, जाने-माने आविष्कारक और जाने-माने वैज्ञानिक थे। उन्होंने वैज्ञानिक इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को एक साथ लाते हुए दो टेक्नोलॉजी कंपनियाँ - TapeSolar Inc. और TexMat LLC - भी शुरू कीं और उन्हें लीड किया।

भारत में जन्मे गोयल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की और बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर से मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की। उनके पास पर्ड्यू यूनिवर्सिटी और नीदरलैंड्स की टिलबर्ग यूनिवर्सिटी से एग्जीक्यूटिव MBA की डिग्री भी है।

नोबेल पुरस्कार विजेता रे क्वोन चुंग ने कहा कि इस साल की शॉर्टलिस्ट आधुनिक एनर्जी साइंस के बड़े दायरे को दिखाती है। मुझे भरोसा है कि जमा किए गए कई प्रोजेक्ट्स आने वाले दशक में ग्लोबल एनर्जी के विकास पर असर डालेंगे। इसलिए, मैं उन सभी वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं जिनके नाम इस पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट में शामिल किए गए हैं।

2026 ग्लोबल एनर्जी प्राइज के विजेताओं को चुंग की अध्यक्षता वाली एक इंटरनेशनल कमेटी चुनेगी। विजेताओं की घोषणा जुलाई में रिपब्लिक फ़ तातारस्तान के ऑयल समिट में की जाएगी। परंपरा के अनुसार, पुरस्कार समारोह 'रशियन एनर्जी वीक' के दौरान होगा, जो 14 से 16 अक्टूबर तक मॉस्को में आयोजित होने वाला एक फोरम है।

अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?