पीयूष गोयल / IANS/Prem Nath Pandey
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 जून 2026 तक ब्रिटेन यानी यूनाइटेड किंगडम (यूके) के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह दौरा भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) के 15 जुलाई 2026 से लागू होने से पहले हो रहा है। इस यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह जानकारी बुधवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई है।
बयान के अनुसार, दौरे के दौरान पीयूष गोयल ब्रिटेन के बिजनेस एंड ट्रेड सचिव पीटर काइल के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीईटीए और डीसीसी को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियों की समीक्षा करना और दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाना है।
बैठक में नियामकीय प्रक्रियाओं के समन्वय, सीमा शुल्क व्यवस्था को सरल बनाने और समझौतों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक तंत्र को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी। दोनों पक्ष सीईटीए के तहत टैरिफ उदारीकरण की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे, जिससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) के कार्यान्वयन के रोडमैप पर भी चर्चा होगी। यह समझौता अस्थायी रूप से विदेश में काम करने वाले पेशेवरों और कर्मचारियों के लिए दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान की समस्या को कम करेगा, जिससे व्यवसायों और पेशेवरों की वैश्विक आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा।
बयान में आगे कहा गया है कि भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाली वार्ता में विभिन्न सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार करेंगे। यह पहल 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप वैश्विक आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और नियम आधारित पारदर्शी व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल कई महत्वपूर्ण गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (जीटूबी) कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। वह इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान उनका विषय "कैपिटल, इनोवेशन एंड द यूके-इंडिया मोमेंट" होगा। इस सत्र में भारत-यूके सीईटीए लागू होने के बाद वैश्विक कारोबार के लिए उभरते अवसरों पर चर्चा होगी।
पीयूष गोयल ब्रिटेन दौरे के दौरान कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी अलग-अलग बैठकें करेंगे, जिनमें एचएसबीसी (ग्लोबल ट्रेड सॉल्यूशंस) और रोल्स-रॉयस जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन बैठकों में भारत में रणनीतिक निवेश, औद्योगिक सहयोग और विनिर्माण साझेदारियों के विस्तार पर चर्चा की जाएगी।
बयान के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) द्वारा आयोजित बिजनेस प्लेनरी और विशेष लंच कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में टाटा समूह, टीसीएस, एचएसबीसी, प्रूडेंशियल, डी बीयर्स और बेकर मैकेंजी जैसी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे, जहां भारत-यूके आर्थिक साझेदारी के तहत व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
निवेशकों और वैश्विक उद्योग जगत के साथ संवाद को और मजबूत करने के लिए पीयूष गोयल लंदन में एशिया हाउस द्वारा आयोजित विशेष राउंडटेबल चर्चा की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में जेपी मॉर्गन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, लॉयड्स, मॉर्गन स्टेनली और अरुप जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एवं औद्योगिक संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। चर्चा का केंद्र भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, निवेश माहौल और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका होगी।
दौरे के अंत में पीयूष गोयल भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल, ब्रिटिश-भारतीय कारोबारी समुदाय और वैश्विक शिक्षा समूहों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देगी और वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच 120 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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