नई दिल्ली के लाल किले पर भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की झलक / IANS
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कई विश्व नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, मजबूत साझेदारियों तथा क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 1947 में स्वतंत्रता हासिल करने के बाद भारत की यात्रा मालदीव जैसे विकासशील देशों के लिए लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा रही है।
सोलिह ने भारत और मालदीव के बीच दोस्ती और सहयोग के करीबी संबंधों के लगातार मजबूत होने की उम्मीद जताई।
मालदीव नेशनल पार्टी (एमएनपी) के अध्यक्ष मोहम्मद नाजिम ने भी भारत को शुभकामनाएं दीं और भारत को मालदीव का करीबी मित्र तथा विश्वसनीय साझेदार बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए भारत की समृद्धि की कामना की।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष उल्लेख किया जा रहा है। साथ ही 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में देश के युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को भी प्रमुखता दी जा रही है।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी फेसबुक पर बड़े भाई पीएम मोदी और भारतीय जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, "मेरे बड़े भाई पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को, मैं 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।" उन्होंने कामना की कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और रिश्ता दिनों दिन मजबूत हो।
इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियों ने भी एक बयान में कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से मैं भारत के लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंधों की बदौलत, अमेरिका-भारत संबंध लगातार बढ़ रहे हैं और पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष सहयोग और व्यापार तक, हमारा सहयोग हमारे दोनों देशों और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध बना रहा है। हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती और परिवार के गहरे संबंध एक ऐसी साझेदारी की नींव हैं जो अभिनव, लचीली और भविष्योन्मुखी है। संयुक्त राज्य अमेरिका उस भविष्य की ओर देख रहा है जिसे हमारे दोनों देश मिलकर बनाएंगे।"
वहीं, सिंगापुर के राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए भारत-सिंगापुर के मजबूत और भविष्य उन्मुख व्यापक रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीबी जनसंपर्क इस रिश्ते की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों का सहयोग कौशल विकास, डिजिटलाइजेशन, सतत विकास और उन्नत विनिर्माण जैसे नए क्षेत्रों तक विस्तार कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए अपने लोगों के हित में सहयोग के नए अवसर तलाशते रहेंगे।
शनमुगरत्नम ने कहा कि सिंगापुर और भारत की रुचि एक शांतिपूर्ण, खुले और परस्पर जुड़े क्षेत्र के निर्माण में समान है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर आसियान के सबसे पुराने संवाद साझेदारों में से एक है और भारत के साथ व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में क्षेत्रीय एकीकरण और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करता रहेगा।
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