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जयपाल ने कहा- प्रताड़ना बन रही है अमेरिकी आव्रजन प्रणाली

मेडिकल रूप से कमजोर लोगों व मुख्य देखभाल करने वालों को लगातार कैद में रखने की रिपोर्टों का जिक्र किया।

 प्रमिला जयपाल प्रमिला जयपाल / X/@Pramila Jayapal

प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि हिरासत से जुड़ी मौजूदा नीतियां अमेरिकी परिवारों को ऐसा नुकसान पहुंचा रही हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकती और जिसका असर लंबे समय तक रहेगा।

हिरासत केंद्र के पास बने इमिग्रेशन कोर्ट के दौरे के बाद, जयपाल ने 17 साल की एक अमेरिकी नागरिक की बात का जिक्र किया। उस लड़की की मां, जो मैक्सिकन नागरिक हैं और हिरासत में हैं, उन्हें देश से निकाले जाने का खतरा है, जबकि परिवार के पिता कैंसर के लिए कीमोथेरेपी करवा रहे हैं।

जयपाल ने कहा कि उस 17 साल की लड़की को अपने और अपने बच्चों पर पड़े असर के बारे में बात करते हुए सुनकर, मैं उस पीढ़ीगत सदमे के बारे में सोचे बिना नहीं रह सकी जो हम पैदा कर रहे हैं... बच्चों की इन पीढ़ियों के लिए, जब अमेरिकी नागरिक बच्चों के माता-पिता को पकड़ लिया जाता है और उन्हें अलग कर दिया जाता है।

जयपाल ने हिरासत केंद्रों के अंदर की खराब स्थितियों पर भी जोर दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के गर्भपात, स्तनपान कराने वाली माताओं को बुनियादी देखभाल न मिलने, और गंभीर रूप से बीमार लोगों व परिवार की मुख्य देखभाल करने वालों को लगातार हिरासत में रखे जाने की रिपोर्टों का हवाला दिया।



जयपाल ने कहा कि इनमें से किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए और बताया कि इसके सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं। इन देखभाल करने वालों या मुख्य देखभाल करने वालों को हिरासत में रखने का कोई कारण नहीं है।

कांग्रेसवुमन ने ट्रम्प प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे जन-सुरक्षा से ज्यादा निजी मुनाफे को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने निजी जेल उद्योग पर आरोप लगाया कि वे हर रात लगभग 65,000 लोगों को हिरासत में रखकर मुनाफा कमा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सब पैसे कमाने का एक बड़ा खेल है। एक ऐसा खेल जिसमें आपका पैसा लेकर उसे देश भर में निजी, मुनाफा कमाने वाली हिरासत सुविधाओं में हर रात 65,000 लोगों को कैद करने में लगाया जाता है।

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