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'युतोरी' की तलाश में कामकाजी माताएं... ताकि वे भी खिलती रहें

दुनिया चाहे जितना भी स्त्रियों को महान बना दे पर बहुत कम ही महिलाएं युतोरी को महसूस कर पाती हैं।

 सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर / Tapasya Chaubey

युतोरी (yutori) एक जापानी अवधारणा है। इसका करीब-करीब अर्थ है कुछ क्षण के लिए ही आराम या सुकुन की सांस लेना। कुछ क्षण के लिए ही सब कुछ भूल कर अपनी मानसिक शांति को महसूस करना। वैसे तो यह शब्द हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है फिर भी महिलाओं के लिये यह खास हो जाती है। 

दुनिया चाहे जितना भी स्त्रियों को महान बना दे पर बहुत कम ही महिलाएं युतोरी को महसूस कर पाती हैं। बीते दिनों 'मदर्स डे' बीता। माताओं की खूब तारीफ हुई। खूब तोहफे दिए गए। पर एक मां के रोज़मर्रा के जीवन को समझना इतना आसान कहां?

कोविड के समय जो वर्क फ्रॉम होम शुरू हुआ उसने कुछ हद तक माताओं का जीवन थोड़ा आसान कर दिया था। अब अमेरिका में अमूमन हर ऑफिस ने तीन दिन ऑफिस जाना जरूरी कर दिया है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत यहां की कामकाजी महिलाओं को हो रही है। एक तो मुश्किल से यहां वीजा लगता है, उसपर मन माफिक़ जॉब मिलना और भी मुश्किल है। ऐसे में जॉब छोड़ना कई बार दुविधा में डाल जाता है। 

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हम सोचतीं है कि कैसे भी मैनेज कर लेंगी। यहीं हम गलती कर बैठती हैं। भारत होता तो फिर भी कोई परिवार का व्यक्ति या परिवार जैसा पड़ोसी थोड़ी देर बच्चों को देख लेता। 

हाउस हेल्प आती और घर के काम में हाथ बटा देती। पर यहां पर तो डे केयर या आफ्टर स्कूल के सहारे ही माताएं करियर और गिल्ट के बीच जूझ रही हैं। ऐसे में चैन की सांस की क्या उम्मीद करे कोई... 

अच्छा, भारत में रहने वाले लोग कहते हैं कि वहां सारा काम तो मशीन करती है। खाना भी तुम दो दिन का बासी खा लेते हो फिर दिक़्कत क्या है?

दिक्कत कुछ नहीं पर यह समझने में दुनिया को इतनी दिक्कत क्यों है कि मशीन खुद नहीं चलती। उसे चलाने से पहले कई जतन करने होते है। बासी ही सही पर ख़ाना तो पकाना ही होता है।

फिर यह बात भारत और अमेरिका की नहीं, यह बात एक मां की है। उसके मानसिक स्वस्थ की है। वैसे यह दिक्कत तो अब भारत के महानगरों में भी होने लगी है। 

हम महिलाएं परिवार और करियर के बीच ऐसे चल रही हैं जैसे रेलगाड़ी के ट्रैक। हम सक्सेसफुली अपने गंतव्य तक तो धीरे-धीरे पहुंच रहें हैं पर यह रास्ता कई बार बड़ा पीड़ादायक हो जाता है। 

ऐसे में दिन के किसी भी पल, कुछ देर को ही सही जापानी शब्द 'युतोरी' की हम पर मेहरबानी होती रहे तो हम खिलते रहें। 
 

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