ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

तपस्या चौबे

कुछ पत्रिकाओं में छपने के अलावा लिखने के क्रम में चार किंडल बुक्स प्रकासित की है। खट्टी-मीठी नाम से ब्लॉग लिखा करती हूँ जो अब नियमित नहीं है। इधर कुछ वर्षों से फ़ेसबुक की दुनिया ज़्यादा वृहत हुई। टेक्नोलॉजी और भाषा के मेल से हिन्दी को इसने और विस्तार दिया है।

1234

Talk to us?